परिचय
झांगवांग मंदिर मेला पोयांग काउंटी के झांगवांग मंदिर में आयोजित होता है और तांग काल के झोंगजिंग राजा की उपाधि से सम्मानित झांग शुन को समर्पित है। यह हर वर्ष चंद्र पंचांग के दसवें महीने के मध्य से ग्यारहवें महीने तक आयोजित होता है। 2013 में इसे जियांग्शी की प्रांतीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की चौथी प्रतिनिधि परियोजना सूची में शामिल किया गया।[1]
मंदिर और आयोजन-तिथि
झांगवांग मंदिर का निर्माण तांग काल में 758 में हुआ था; मेले को पहले ‘साई शेन हुई’ कहा जाता था, जिसका आशय देवताओं के सम्मान में आयोजित उत्सव से है।[2] स्रोतों में तिथियों का थोड़ा अंतर है: एक विवरण इसे हर वर्ष दसवें चंद्र महीने के मध्य से ग्यारहवें महीने तक बताता है;[1] जियांग्शी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत वेबसाइट के अनुसार यह ग्यारहवें चंद्र महीने की 23 तारीख से शुरू होकर तीन दिन चलता है। वेबसाइट पहले चंद्र महीने की 8 तारीख को झांग वांग (झांग शुन) और लियू मु की रिश्तेदारों से मिलने वाली शोभायात्रा का भी उल्लेख करती है।[2]
पैमाना
मेले के दौरान सड़कों पर भारी भीड़ रहती है; यह क्षेत्र का सबसे बड़ा पारंपरिक लोक आयोजन है।[1]
सांस्कृतिक रूपांतरण
झांग शुन और लियू मु की लोककथाओं से बड़े गण ओपेरा लियू मु झुआन की रचना प्रेरित हुई। ‘झांग शुन संस्कृति उत्सव’ ऐतिहासिक कथाओं को वर्तमान से जोड़ता है और देश व समुदाय के प्रति जुड़ाव को मजबूत करता है।[1]