शुइदे शिंगजुन (水德星君), जिन्हें जल-पुण्य का सिद्ध प्रभु भी कहा जाता है, पारंपरिक ताओवादी धार्मिक विश्वास में जल के प्राकृतिक देवता हैं।[1][2]
दिव्य स्वरूप
ताओवादी परंपरा में वे जल-तारे के तारकीय स्वामी और जल के महान सम्राट के अधीन माने जाते हैं। एक अन्य मत दोनों को एक ही देवता मानता है। उद्धृत स्रोत कहता है कि वे समुद्रों, नदियों और जलमार्गों के अधिपति हैं, और चीनी समुदायों के कुछ अग्निशमनकर्मियों द्वारा उनकी तथा अग्नि-पुण्य के तारकीय स्वामी की संयुक्त पूजा की प्रथा का उल्लेख करता है। वे पंच तारकीय स्वामियों में से एक हैं; उनका पूरा पदनाम “उत्तर के जल-पुण्य तारकीय स्वामी, वह चेन तारा जो चेन तारे की निगरानी करता है” बताया गया है। ये पारंपरिक आस्था और स्रोत में दिए वर्णन हैं।[2]
ताओवादी ग्रंथों के वृत्तांत और भिन्नताएँ
उद्धृत ताओवादी ग्रंथ चेन तारे को जल का सार बताता है और उपनाम यिनकोंग, नाम झाओश्या (एक अन्य पाठ में छिश्या), तथा शिष्ट नाम जियुआन (या जिंगयुआन) देता है। उनकी पत्नी का नाम श्वेनहुआ और शिष्ट नाम लोंगयिंग बताया गया है; अलग-अलग कथनों में वह गहरे डिपर के महल में रहती हैं या धातु-रहस्य महल का शासन करती हैं। स्रोत उनका वर्णन तारामुकुट, लाल जूतों, सारस-चित्रित काले वस्त्र, जेड पट्टिका और सप्ततारा तलवार तथा श्वेत-जेड आभूषणों के साथ करता है। इन वृत्तांतों में उन्हें जलजीवों, ड्रैगनों, मछलियों, हिमपात, ओलों और ठंड का अधिपति बताया गया है। तांग काल के ताओवादी विद्वान दू गुआंगटिंग ने उनके लिए एक स्तुति-मंत्र लिखा। ये ताओवादी ग्रंथों में प्रचलित कथाएँ हैं।[2]
मूल जानकारी
- उपाधि: शुइदे शिंगजुन[1]
- ताओवादी ग्रंथ में नाम: झाओश्या (भिन्न पाठ: छिश्या)[2]
- विवरण: ताओवादी देवता[1]
- कृति में उल्लेख: Journey to the West