माला मसालेदार क्रेफ़िश को माश्याओ या माश्याओअर भी कहा जाता है। इसका मुख्य घटक रेड स्वैम्प क्रेफ़िश (Procambarus clarkii) है। इसे आम तौर पर देर रात के नाश्ते या शराब के साथ खाया जाता है। [1]
उत्पत्ति और प्रसार
जिआंगसु के शुयी काउंटी में 2000 से क्रेफ़िश उत्सव आयोजित होने लगा; उस समय क्रेफ़िश मुख्यतः तलकर पकाई जाती थी। बाद में शुयी की क्रेफ़िश जिआंगसु, झेजियांग, शंघाई और अन्य क्षेत्रों में फैल गई। 2001 के बाद माला क्रेफ़िश बीजिंग की गुइजी सड़क जैसे इलाकों में पहुँची। 2002 में गुइजी ने पहला “माला मसालेदार क्रेफ़िश उत्सव” आयोजित किया, जिससे बीजिंग और अन्य क्षेत्रों में इसकी लोकप्रियता बढ़ी। [1]
“तेरह मसालों” का स्वाद
शुयी की “तेरह मसालों वाली माला क्रेफ़िश” में “तेरह मसाले” एक प्रचलित नाम है। मसाले के मिश्रण में वास्तव में बीस से अधिक मसाले हो सकते हैं और उनसे कई तरह के स्वाद बनाए जा सकते हैं। इसलिए नाम का अर्थ यह नहीं कि नुस्खे में ठीक तेरह तय मसाले ही होते हैं। [1]
खाने का तरीका
यह व्यंजन रात के बाज़ारों में आम है और देर रात के नाश्ते या शराब के साथ खाया जाता है। इसे खाते समय आम तौर पर खोल छीलना पड़ता है। [1]